मुंबई, 6 मई, (न्यूज़ हेल्पलाइन) तकनीकी दिग्गज कंपनी एप्पल (Apple) ने अपने वॉयस असिस्टेंट 'सिरी' (Siri) के लिए घोषित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फीचर्स को समय पर पेश न कर पाने से जुड़े एक क्लास-एक्शन मुकदमे को सुलझाने के लिए 250 मिलियन डॉलर (लगभग 2,100 करोड़ रुपये) देने पर सहमति व्यक्त की है।
विवाद का कारण:
यह मुकदमा निवेशकों द्वारा दर्ज किया गया था, जिनका आरोप था कि एप्पल ने सिरी की AI क्षमताओं और इसके रिलीज होने के समय को लेकर भ्रामक जानकारी दी थी। निवेशकों का दावा था कि इन घोषणाओं के कारण कंपनी के शेयरों की कीमतों पर असर पड़ा, लेकिन वादे के मुताबिक फीचर्स समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए।
समझौते की राशि:
एप्पल ने किसी भी गलत काम या धोखाधड़ी से इनकार किया है, लेकिन लंबी कानूनी प्रक्रिया और जोखिम से बचने के लिए 250 मिलियन डॉलर के भुगतान के साथ मामले को रफा-दफा करने का निर्णय लिया है।
निवेशकों का पक्ष:
वादियों का तर्क था कि एप्पल ने प्रतिस्पर्धी कंपनियों (जैसे गूगल और ओपनएआई) के मुकाबले खुद को बेहतर दिखाने के लिए सिरी की प्रगति को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया था।
आगे की राह:
हालांकि एप्पल इस भारी-भरकम राशि का भुगतान कर रहा है, लेकिन कंपनी अब 'एप्पल इंटेलिजेंस' (Apple Intelligence) के माध्यम से सिरी को पूरी तरह से रीबूट करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि इसे आधुनिक जेनरेटिव एआई के स्तर पर लाया जा सके।
यह समझौता टेक जगत में इस बात का उदाहरण है कि कैसे एआई क्षमताओं को लेकर किए गए बड़े दावों पर अब निवेशकों और नियामकों की कड़ी नजर है।