भारतीय फार्मास्युटिकल क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े सौदों में से एक की सुगबुगाहट तेज हो गई है। दिग्गज दवा कंपनी सन फार्मा (Sun Pharma) न्यूयॉर्क में लिस्टेड हेल्थकेयर फर्म ऑर्गेनन (Organon & Co.) को खरीदने के लिए करीब 12 अरब डॉलर (लगभग 1 लाख करोड़ रुपये) की भारी-भरकम राशि जुटाने की तैयारी कर रही है। इस मेगा डील की खास बात इसका 'फाइनेंशियल ब्लूप्रिंट' है, जिसके लिए कंपनी किसी एक स्रोत पर निर्भर रहने के बजाय 'ऑल पॉकेट' रणनीति अपना रही है।
सन फार्मा इस अधिग्रहण को सफल बनाने के लिए कर्ज (Debt), बॉन्ड (Bonds) और अपने विशाल कैश रिजर्व (Cash Reserves) के मिश्रण का उपयोग करेगी। रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी अपने खजाने से 2 से 2.5 अरब डॉलर नकद खर्च करेगी, जबकि बाकी की राशि विदेशी बैंकों से कर्ज और यूरो-डीनॉमिनेटेड बॉन्ड जारी करके जुटाई जाएगी। कंपनी की योजना ऑर्गेनन के मौजूदा बॉन्डहोल्डर्स के साथ तालमेल बैठाने की भी है, ताकि वित्तीय बोझ को संतुलित किया जा सके।
शुरुआती दौर में जेपी मॉर्गन (JPMorgan), सिटीग्रुप (Citigroup) और मित्सुबिशी यूएफजे (MUFG) जैसे वैश्विक दिग्गजों ने 'ब्रिज लोन' का वादा किया था, लेकिन अब इसे एक दीर्घकालिक और स्थिर वित्तीय ढांचे में बदलने पर काम चल रहा है। सिटी इंडिया के सीईओ के. बालासुब्रमण्यम के अनुसार, बैंक इस सौदे को अंडरराइट कर चुके हैं और अगले कुछ महीनों में इसकी फाइनल स्ट्रक्चरिंग पूरी कर ली जाएगी। सन फार्मा का यह कदम न केवल उसकी वैश्विक उपस्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि भारतीय कंपनियों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती साख को भी प्रदर्शित करता है।