वाशिंगटन: पश्चिम एशिया में जारी भीषण सैन्य और भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि ईरान के साथ एक नए रणनीतिक और प्रस्तावित समझौते पर सैद्धांतिक सहमति बनने के बाद, अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से अपनी कड़क नौसैनिक नाकेबंदी को पूरी तरह हटा लेगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया के माध्यम से स्पष्ट किया कि इस ऐतिहासिक समझौते के तहत ईरान को अमेरिका द्वारा रखी गई सभी सख्त शर्तें माननी होंगी। इन शर्तों में सबसे प्रमुख यह है कि ईरान भविष्य में कभी भी परमाणु हथियार या परमाणु बम विकसित नहीं करेगा, साथ ही वह इस रणनीतिक जलमार्ग से अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही की पूर्ण गारंटी देगा।
इस सैन्य घेराबंदी के हटने से पिछले कई महीनों से होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे दर्जनों व्यापारिक और तेल टैंकर जहाजों के लिए अपने गंतव्य की ओर लौटने का रास्ता साफ हो गया है। राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि समुद्री मार्गों में बिछाई गई बारूदी सुरंगों (Naval Mines) को साफ करने के लिए अमेरिकी नौसेना के विशेष माइन-स्वीपर जहाजों ने पहले ही बड़ा अभियान चलाया है, और बची हुई सुरंगों को नष्ट करने की जिम्मेदारी अब ईरान की होगी। इसके अलावा, करीब 11 महीने पहले अमेरिकी बी-2 बमवर्षक विमानों द्वारा किए गए हवाई हमलों के कारण पहाड़ों के नीचे दबे संवर्धित परमाणु पदार्थों को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की देखरेख में बाहर निकालकर नष्ट किया जाएगा। गौरतलब है कि फरवरी से जारी इस संघर्ष के कारण वैश्विक कच्चे तेल की 20 प्रतिशत आपूर्ति वाले इस मार्ग के बंद होने से दुनिया भर में ऊर्जा संकट खड़ा हो गया था, जिसे सुलझाने के लिए ट्रंप अब व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में अंतिम समीक्षा बैठक करने जा रहे हैं।