भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज की शुरुआत जीत के साथ जरूर की है, लेकिन टीम की स्टार बल्लेबाज और इस मैच में कप्तानी संभाल रही स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) के लिए यह मुकाबला किसी बुरे सपने जैसा रहा. चेल्म्सफोर्ड में खेले गए पहले टी20 मैच में मंधाना मैच की पहली ही गेंद पर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गईं, जिसे क्रिकेट की भाषा में 'गोल्डन डक' (Golden Duck) कहा जाता है.
नियमित कप्तान हरमनप्रीत कौर को इस मैच में आराम दिया गया था, जिसके चलते कप्तानी का जिम्मा मंधाना के कंधों पर था. लेकिन इंग्लैंड की तेज गेंदबाज लॉरेन बेल ने मैच की पहली ही गेंद पर मंधाना को कैच आउट कराकर भारतीय खेमे को बहुत बड़ा झटका दिया. स्मृति मंधाना के टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर में यह 8 साल बाद हुआ है जब वह गोल्डन डक पर आउट हुई हैं. इससे पहले साल 2018 में उन्हें टी20 क्रिकेट में इस तरह शून्य पर आउट होना पड़ा था.
डब्ल्यूपीएल (WPL) की दोस्त ही बनीं मंधाना का काल
दिलचस्प बात यह है कि स्मृति मंधाना को पहली ही गेंद पर आउट करने वाली इंग्लैंड की तेज गेंदबाज लॉरेन बेल (Lauren Bell) और मंधाना आपस में काफी अच्छी दोस्त हैं. ये दोनों खिलाड़ी विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर (RCB) की महिला टीम के लिए एक साथ खेलती हैं. लॉरेन बेल ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर आरसीबी की टीम को डब्ल्यूपीएल चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी. लेकिन जब बात अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आमने-सामने की आई, तो इस इंग्लिश गेंदबाज ने अपनी ही डब्ल्यूपीएल कप्तान को पहली ही गेंद पर चलता कर दिया.
लॉरेन बेल के खिलाफ शानदार था पुराना रिकॉर्ड
इस मुकाबले से पहले स्मृति मंधाना का रिकॉर्ड लॉरेन बेल के खिलाफ बेहद दमदार था, जिसकी वजह से इस विकेट की उम्मीद किसी को नहीं थी:
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पिछला प्रदर्शन: मंधाना ने टी20 क्रिकेट में लॉरेन बेल के खिलाफ खेली 12 पारियों में कुल 110 रन बनाए थे.
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स्ट्राइक रेट: बेल के खिलाफ बल्लेबाजी करते हुए मंधाना का स्ट्राइक रेट भी 140 के करीब रहा था.
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पहली बार हुई आउट: इससे पहले लॉरेन बेल कभी भी मंधाना का विकेट नहीं ले पाई थीं. यह पहला मौका है जब बेल ने मंधाना को टी20 में आउट किया और वह भी पहली ही गेंद पर.
भले ही मंधाना के रूप में भारत को मैच की पहली ही गेंद पर बड़ा झटका लगा और उसके तुरंत बाद शेफाली वर्मा भी चलती बनीं, लेकिन इसके बाद जेमिमा रॉड्रिग्स और यास्तिका भाटिया की सूझबूझ भरी बल्लेबाजी ने भारतीय पारी को संभाल लिया. शुरुआती झटकों से उबरते हुए भारत ने न सिर्फ एक मजबूत स्कोर बनाया, बल्कि इंग्लैंड को 38 रनों से हराकर सीरीज में विजयी शुरुआत भी की.