प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्तमान में जापान के दौरे पर हैं, जहां वे आर्थिक और सामरिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण मुलाकातें कर रहे हैं। इसके बाद उनका अगला पड़ाव चीन होगा, जहां वे एक अंतरराष्ट्रीय समिट में हिस्सा लेंगे। इस दौरे को लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं कि भारत रूस और चीन के साथ कुछ रणनीतिक और आर्थिक समझौतों पर विचार कर सकता है। साथ ही जापान भी भारत के साथ लगभग 6 लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव लेकर आया है, जो भारत में रोजगार के अवसर बढ़ाने में सहायक होगा।
पीएम मोदी को मिला खास जापानी तोहफा – दारुमा डॉल
टोक्यो पहुंचने पर पीएम मोदी को जापान की एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक वस्तु, दारुमा डॉल, तोहफे में मिली। यह डॉल ताकासाकी-गुन्मा में स्थित शोरिनजान दारुमा-जी मंदिर के मुख्य पुजारी रेव सेशी हिरोसे ने उन्हें भेंट की। दारुमा डॉल जापानी संस्कृति में सौभाग्य और दृढ़ संकल्प का प्रतीक मानी जाती है। इसे पारंपरिक रूप से शुभकामनाओं और मनोबल बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
दारुमा डॉल का सांस्कृतिक महत्व
जापान में दारुमा डॉल को "7 बार गिरो और 8 बार उठो" वाली कहावत से जोड़ा जाता है। यह डॉल निरंतर प्रयास और असफलताओं के बाद सफलता पाने का संदेश देती है। दारुमा डॉल की एक खास परंपरा है कि इसे पाने वाले व्यक्ति अपनी आंखों में रंग भरते हैं। शुरुआत में केवल एक आंख रंगी जाती है, जो उस लक्ष्य को दर्शाती है जिसे पाने का संकल्प लिया गया है। जब लक्ष्य पूरा हो जाता है, तब दूसरी आंख रंगी जाती है। यह एक प्रतीकात्मक क्रिया है जो व्यक्ति को अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने और धैर्य बनाए रखने की प्रेरणा देती है।
भारत और दारुमा डॉल का जुड़ाव
दारुमा डॉल का भारत से भी एक ऐतिहासिक और धार्मिक संबंध है। इसे भिक्षु बोधिधर्म का प्रतीक माना जाता है, जिन्होंने बौद्ध धर्म को चीन और अन्य देशों में फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बोधिधर्म की जड़ें भारत से जुड़ी हैं और उन्होंने बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार में अहम योगदान दिया। इसलिए, दारुमा डॉल का पीएम मोदी को तोहफा देना भारत और जापान के सांस्कृतिक और धार्मिक रिश्तों की एक सुंदर अभिव्यक्ति भी है।
जापान के साथ बढ़ रहा भारत का संबंध
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत-जापान संबंधों को और मजबूत करने का प्रयास है। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, तकनीकी सहयोग और सुरक्षा के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ रही है। जापान का भारत में 6 लाख करोड़ रुपये का निवेश रोजगार सृजन में मदद करेगा और दोनों देशों के बीच आर्थिक विकास को गति देगा। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच सहयोग से क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा के मुद्दे भी सशक्त होंगे।
इस प्रकार, प्रधानमंत्री मोदी का जापान दौरा न केवल आर्थिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी यह भारत और जापान के बीच एक मजबूत बंधन का प्रतीक है। दारुमा डॉल के माध्यम से इस बंधन की गहराई और आपसी सम्मान झलकता है, जो दोनों देशों के भविष्य के सहयोग की दिशा को उजागर करता है।